शौर्य नमन – बलिदान दिवस –
हवलदार धनाराज मुथप्पन
कीर्ति चक्र
यूनिट – मद्रास रेजिमेंट
CI/IS ऑपरेशन्स
12 जुलाई 1994 को, मद्रास रेजिमेंट के हवलदार धनाराज मुथप्पन जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में नोहम गांव की घेराबंदी और खोज कर रहे घेराबंदी दलों में से एक के कमांडर थे।
जब घेराबंदी में घिरे दो राष्ट्र-विरोधी तत्वों ने घास और घनी वनस्पति से ढके धान के एक खेत में से भागने का प्रयास किया, तो हवलदार मुथप्पन ने त्वरित वहां अपना दल तैनात कर उस खेत की खोज आरंभ की।
वह स्वयं आगे हो कर खेत में खोज का नेतृत्व कर रहे थे, उसी समय आकस्मिक उनका दो आतंवादियों से आमना-सामना हो गया। तत्क्षण वहां अति निकट से संक्षिप्त गोलीबारी आरंभ हो गई। इस गोलीबारी में गोलियां लगने से हवलदार मुथप्पन गंभीर रूप से घायल हो गए।
गंभीर रूप से घायल होने के उपरांत उन्होंने प्रचंड वीरता से आतंकवादियों पर पलटवार किया और उन्हें मार गिराया, किंतु एक बार पुनः उनकी छाती में गोलियां लगीं और उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया।
हवलदार धनाराज मुथप्पन के बलिदान को भारत में युगों-युगों तक स्मरण किया जाएगा। 


जय हिंद!! जय जवान!!
Follow on Instagram
:
Follow on Facebook
Subscribe on YouTube
shauryanaman2019@gmail.com
+91 9111010007
नोट :- हम किसी भी जानकारी को पूर्ण सत्य होने का दावा नहीं करते हैं . हमारा उद्देश्य हमारे नायकों की जानकारी जनमानस तक पहुचाना है यह जानकारी गूगल /सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त किया गया है
टीम शौर्य गाथा शौर्य नमन
