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सेना मेडल (मरणोपरांत) यूनिट – 7 पैराशूट रेजिमेंट नायक गोपाल सिंह

शौर्य नमन – बलिदान दिवस –
नायक गोपाल सिंह
सेना मेडल (मरणोपरांत)
यूनिट – 7 पैराशूट रेजिमेंट
पॉइंट 4700 का संग्राम (बकरवाल पोस्ट)
ऑपरेशन विजय
कारगिल युद्ध 1999
नायक गोपाल सिंह का जन्म पंजाब के रोपड़ (अब रूपनगर) जिले की आनंदपुर साहिब तहसील के ढेर गांव में, श्री प्रकाश सिंह एवं श्रीमती तृष्णा देवी के परिवार में हुआ था। शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात वह भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट में, रंगरूट के रूप में भर्ती हुए थे। प्रशिक्षण के पश्चात उन्हें 7 पैरा बटालियन में पैराट्रूपर के पद पर नियुक्त किया गया था। अपनी बटालियन में भिन्न-भिन्न परिचालन परिस्थितियों और स्थानों पर सेवाएं देते हुए वर्ष 1999 तक वह नायक के पद पर पदोन्नत हो गए थे।
कारगिल युद्ध में 7 पैरा बटालियन को जम्मू-कश्मीर में तैनात किया गया था। जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाक सेना द्वारा व्यापक स्तर पर घुसपैठ करने के प्रत्युत्तर में, जब भारतीय सेना ने “ऑपरेशन विजय” आरंभ किया, तो जून 1999 में 7 पैरा बटालियन को मश्कोह घाटी में स्थानांतरित कर दिया गया। 7 पैरा बटालियन उस समय ब्रिगेडियर प्रबोध भारद्वाज की कमान में 50 पैरा ब्रिगेड का भाग थी, जो 8 माउंटेन डिवीजन की समग्र कमान के अधीन कार्य कर रहे थे।
विकसित हो रही परिचालन योजना के अनुसार, जून 1999 के अंत में पॉइंट 5140 पर अधिकार हो जाने के पश्चात, पॉइंट 5060 पर अधिकार करना आवश्यक था। किंतु पॉइंट 4700 पर आधिपत्य नहीं होने तक पॉइंट 5060 पर अधिकार करना सामरिक रूप से कठिन था। इस प्रकार पॉइंट 4700 पर अधिकार करना प्राथमिकता बन गया, पॉइंट 4700 पर अधिकार करने का कार्य 50 पैरा ब्रिगेड को दिया गया, जिसमें 7 पैरा, 1 पैरा (SF) और 6 पैरा बटालियन सम्मिलित थे।
6 पैरा और 1 पैरा (SF) को पॉइंट 3635 और पॉइंट 4757 के मध्य एक मार्ग खोलने और पॉइंट 4905 पर शत्रु के प्रशासनिक शिविर को सुरक्षित करने का कार्य सौंपा गया था। वहीं 7 पैरा को बहु-आयामी पहुंच में आक्रमण कर पॉइंट 4700 को सुरक्षित करना था।
योजना के अनुसार नायक गोपाल सिंह और उनके साथियों ने पॉइंट 4700 के दक्षिण से किर्डी और केल नालों के मध्य ऑपरेशन आरंभ किया। 12 जुलाई 1999 को शत्रु से हुए भीषण संघर्ष में अनेक गोलियां लगने से नायक गोपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और अंततः वीरगति को प्राप्त हो गए।
नायक गोपाल सिंह को, उनके अदम्य साहस, दृढ़ निश्चय एवं वीरता के लिए मरणोपरांत ‘सेना मेडल’ से, सम्मानित किया गया और उनके वीरता के सम्मान में पॉइंट 4700 का नाम गोपाल टॉप किया गया।
नायक गोपाल सिंह के बलिदान को भारत में, युगों-युगों तक स्मरण किया जाएगा। 💐🙏💐
जय हिंद!! जय जवान!!
नोट :- हम किसी भी जानकारी को पूर्ण सत्य होने का दावा नहीं करते हैं . हमारा उद्देश्य हमारे नायकों की जानकारी जनमानस तक  पहुचाना है यह जानकारी गूगल /सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त किया गया है
टीम शौर्य गाथा शौर्य नमन

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